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बचà¥à¤šà¥‡ का दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ का सही समय
शिशॠका दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ का कोई विशेष समय नहीं होता (1)। छह महीने की उमà¥à¤° तक के शिशॠको मां के दूध के साथ ही थोड़े-बहà¥à¤¤ ठोस आहार देने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की जा सकती है। इससे बचà¥à¤šà¥‡ का विकास दर अचà¥à¤›à¤¾ हो सकता है और उसे उचित पोषण à¤à¥€ मिल सकता है (2)। वहीं, कम से कम 12 महीने की उमà¥à¤° या जब तक मां और बचà¥à¤šà¥‡ की इचà¥à¤›à¤¾ हो, तब तक शिशà¥à¤“ं के लिठमां का दूध à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‹à¤œà¤¨ होता है (3)। इसके अलावा, शिशॠके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खाठगठठोस आहार को पचाने के लिठà¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• की जरूरत पड़ सकती है। वहीं, मां के दूध में कई पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होते हैं, जो शिशॠके पाचन को बेहतर कर सकते हैं (4)। इसलिà¤, शिशॠका दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठमां को कम से कम उसके à¤à¤• साल तक का होने का इंतजार करना चाहिà¤à¥¤
मां सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करती है?
कई कारण हैं, जिनकी वजह से मां शिशॠका सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करती है। नीचे हम इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ कारणों के बारे में बता रहे हैं (5) :
जब मां को लगता है कि उचित मातà¥à¤°à¤¾ में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं हो रहा है, जिस कारण शिशॠअसंतà¥à¤·à¥à¤Ÿ रहता है, तो à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¤¾ बेहतर समà¤à¤¾ जाता है।
कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ डिलीवरी के कà¥à¤› समय बाद से वजन कम करने की योजना बनाती हैं, जिसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डायटिंग करनी पड़ती है। इसके लिठà¤à¥€ वो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करती हैं।
जैसे-जैसे शिशॠबड़ा होने लगता है, उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पोषण की जरूरत पड़ती है। à¤à¤¸à¥‡ में केवल बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• उसके संपूरà¥à¤£ विकास के लिठकाफी नहीं होता। इस कारण से महिला सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤•र ठोस आहार की तरफ रà¥à¤– करती हैं।
कà¥à¤› महिलाओं को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी दिकà¥à¤•तें होती हैं, जिसके चलते वो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करा पातीं। à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ रोकने का फैसला लिया जाता है।
अगर महिला कामकाजी है, तो मेटरनिटी लीव के बाद उसे अपने काम पर लौटना होता है, जिस कारण वो नियमित रूप से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करा पाती। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की यह à¤à¥€ à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह है।
कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ सामाजिक या शारीरिक कारणों से अपने बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को पूरा करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं होती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में वो बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाना बंद कर सकती हैं।
कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर काट लेते हैं, जिससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ काफी दरà¥à¤¦ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में महिला सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना छोड़ देती है।
आइà¤, अब उन टिपà¥à¤¸ के बारे में जानते हैं, जो शिशॠके सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की आदत को छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करेंगे।
बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने से कैसे रोकें?
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाà¤à¤‚ इस बात से परेशान रहती हैं कि बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने से कैसे रोकें। अगर आप à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बंद कराने की कोशिश में हैं, तो नीचे दिठगठउपाय आपकी मदद कर सकते हैं :
बचà¥à¤šà¥‡ को तैयार करें : बचà¥à¤šà¥‡ को दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठतैयार करना जरूरी है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ से पहले उसे बोतल से दूध पिलाने की आदत डालें, फिर धीरे-धीरे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना कम करें।
ठोस आहार दें : बेशक, बचà¥à¤šà¥‡ के लिठमां का दूध संपूरà¥à¤£ पोषण होता है, इसलिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ से पहले उसे अनà¥à¤¯ आहार देने की आदत डालें, ताकि उसे जरूरी पोषण अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से मिलते रहें।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पर दबाव न डालें : जब बचà¥à¤šà¤¾ मां का दूध पीता है, तो निपà¥à¤ªà¤² काफी संवेदनशील हो जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप केवल पीठके बल ही सोà¤à¤‚ और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव न पड़े। à¤à¤¸à¤¾ करने से सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कम होने लगती है, जिससे बचà¥à¤šà¤¾ आसानी से दूध छोड़ पाता है।
बचà¥à¤šà¥‡ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤Ÿà¤•ाà¤à¤‚ : जब आपको लगे कि बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना चाहता है, तो उसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ किसी अनà¥à¤¯ चीज में लगाने की कोशिश करें। इसके लिठआप उसके साथ खेल सकती हैं, उसके लिठगाना गा सकती हैं या उसे बाहर घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ à¤à¥€ ले जा सकती हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को रात में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने से कैसे रोकें?
बचà¥à¤šà¥‡ को थोड़ा दूर सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ : सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ से थोड़ी दूरी बनाकर सो सकती हैं। जब आप बचà¥à¤šà¥‡ के पास सोती हैं, तो वह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठजिद कर सकता है।
पैसिफायर : आप रात के समय कà¥à¤› देर के लिठबचà¥à¤šà¥‡ को पैसिफायर (कृतà¥à¤°à¤¿à¤• निपà¥à¤ªà¤²) चूसने के लिठदे सकते हैं। इससे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की आदत धीरे-धीरे कम होने लगती है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि पैसिफायर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² लगातार नहीं करना चाहिठ(6)।
शाम के समय उसे अचà¥à¤›à¥€ तरह खिलाà¤à¤‚ : आपका बचà¥à¤šà¤¾ अगर ठोस आहार लेता है, तो उसे शाम के समय अचà¥à¤›à¥€ तरह ठोस आहार खिलाà¤à¤‚। इसके अलावा, आप रात के समय सोने से कà¥à¤› देर पहले à¤à¥€ उसे बोतल से अचà¥à¤›à¥€ तरह दूध पिलाà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ का दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ में कितना समय लगता है?
à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ने में सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से लेकर कà¥à¤› महीनों तक का समय लग सकता है (7)। यह इस पर निरà¥à¤à¤° करता है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश के दौरान आपका बचà¥à¤šà¤¾ किस तरह की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है। आप उसकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही उसका सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करें। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ न कराने पर बहà¥à¤¤ रोते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आपको तà¥à¤°à¤‚त न रोककर धीरे-धीरे इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर चलना चाहिà¤à¥¤
लेख के इस à¤à¤¾à¤— में हम कà¥à¤› घरेलू उपाय बता रहे हैं।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और घरेलू उपाय
आप कà¥à¤› घरेलू उपचार अपनाकर à¤à¥€ अपने बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की आदत छà¥à¤¡à¤¼à¤¾ सकती हैं। नीचे हम आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कà¥à¤› यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बता रहे हैं :
अधिकतर शिशॠसिरà¥à¤« मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को देखकर ही सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने की जिदà¥à¤¦ करने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप शिशॠके सामने कपड़े न बदलें या फिर सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ न करें।
अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ समà¤à¤¨à¥‡ लायक हो गया है, तो उसे समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करें कि अब उसे मां का दूध नहीं पीना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा, यह à¤à¥€ बताà¤à¤‚ कि किस तरह उसके दांतों से मां को दरà¥à¤¦ होता है।
अगर आपको लगता है कि बचà¥à¤šà¥‡ को मां के दूध की जरूरत है और आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं कराना चाहतीं, तो आप पंप की मदद से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° कर सकती हैं। फिर इसे जरूरत पड़ने पर चमà¥à¤®à¤š से शिशॠको पिला सकती हैं।
अगर आप किसी विशेष कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ या जगह पर बैठकर उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, तो अब बचà¥à¤šà¥‡ के सामने उस कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर न बैठें। बचà¥à¤šà¥‡ की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में बदलाव लाने की कोशिश करें, ताकि उसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से दूर हो सके।
आप पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। आप पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ के à¤à¤•-à¤à¤• पतà¥à¤¤à¥‡ को बà¥à¤°à¤¾ के अंदर सà¥à¤¤à¤¨ पर रखें। à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› लोगोंं का मानना है कि पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सूख जाता है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ इस तथà¥à¤¯ की वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ नहीं करता है।
आगे जानिà¤, अगर बचà¥à¤šà¤¾ अà¤à¥€ à¤à¥€ मां का दूध पीना चाहता है, तो कà¥à¤¯à¤¾ करें?
अगर बचà¥à¤šà¤¾ अà¤à¥€ à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨ दूध मांगता है, तो कà¥à¤¯à¤¾ करें?
शिशॠ12 महीने के बाद अपना रà¥à¤à¤¾à¤¨ ठोस आहार पर करने लगता है। अगर, फिर à¤à¥€ आपका बचà¥à¤šà¤¾ मां का दूध मांग रहा है, तो आप नीचे दिठगठतरीके अपना सकती हैं :
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ कहता है कि निपà¥à¤ªà¤² पर नीम और वचा जैसी कड़वी जड़ी-बूटी लगाने से फायदा हो सकता है। अगर शिशॠइसे चाटता à¤à¥€ है, तो उसे इससे कोई नà¥à¤•सान नहीं होगा। साथ ही इसके कड़वा सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के कारण वह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने से दूर हो सकते हैं।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की तमाम कोशिशों के बाद à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨ दूध मांग रहा है, तो आप उसके खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में बदलाव करें। हो सकता है कि आप जो à¤à¥€ चीज उसे खाने को दे रही हैं, वो उसे पसंद न आ रही हो। à¤à¤¸à¥‡ में आप अलग-अलग चीजें उसे खिलाà¤à¤‚ और जानने की कोशिश करें कि उसे सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ पसंद आ रहा है। उसे जो à¤à¥€ पसंद आ रहा है, उसे वही खाने के लिठदें। à¤à¤¸à¥‡ में उसके मà¥à¤‚ह से सà¥à¤¤à¤¨ दूध का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ हटेगा।
अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को कोई विशेष चीज खाना पसंद है, तो उसे रोजाना à¤à¤• समय पर वही चीज दें। धीरे-धीरे उसे समठआà¤à¤—ा कि इस समय उसे अपनी पसंद की चीज मिलेगी, जिसके लिठवो आतà¥à¤° रहेगा।
आप कà¤à¥€-कà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को खà¥à¤¦ से न खिलाते हà¥à¤ घर के किसी अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯ को उसे खाना खिलाने की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ दें। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¤¾ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• की मांग कम करने लगेगा।
इस विषय के संबंध में और जानकारी के लिठयह लेख अंत तक जरूर पढ़ें।
जब आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने से रोकते हैं, तो कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¤¾ आसान काम नहीं है। बचà¥à¤šà¥‡ को इसकी आदत छोड़ने में तो परेशानी होती है, लेकिन मां को à¤à¥€ कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से जूà¤à¤¨à¤¾ पड़ सकता है। नीचे हम बता रहे हैं कि जब आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने से रोकती हैं, तो कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ होता है :
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में वृदà¥à¤§à¤¿ – कà¤à¥€-कà¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ रोकने से सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में वृदà¥à¤§à¤¿ हो सकती है। इसके अलावा, कà¥à¤› महिलाओं को सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ होने लगता है।
मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग – जब सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ रोक दिया जाता है, तो पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‰à¤¸à¤¿à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ कम होने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के चलते महिला को तनाव व मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है (8)।
वजन बढ़ना – सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिला को रोजाना 500 अतिरिकà¥à¤¤ कैलोरी की जरूरत पड़ती है। à¤à¤¸à¥‡ में उसकी à¤à¥‚ख à¤à¥€ बढ़ जाती है। इसके बाद महिला सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना तो छोड़ देती है, लेकिन उसकी à¤à¥‚ख कम नहीं होती। à¤à¤¸à¤¾ करने से वजन बढ़ने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (9)।
अधिक मासिक धरà¥à¤® – आमतौर पर, जब तक आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करती हैं, तब तक आपको मासिक धरà¥à¤® नहीं होता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को लेकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² à¤à¤®à¥‡à¤¨à¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है, जिसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बांà¤à¤ªà¤¨ à¤à¥€ कहा जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में जब आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना छोड़ देती हैं, तो आपको à¤à¤¾à¤°à¥€ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो सकती है (10)।
यहां जानें कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को मां दूध पीने की आदत छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठदवाà¤à¤‚ ले सकते हैं या नहीं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की दवा
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआपको जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ नहीं करनी चाहिà¤à¥¤ बात आठदवा की, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लिठबिना इससे संबंधित दवा खà¥à¤¦ से न लें और न ही अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दें। अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को ठीक लगता है, तो वह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की आदत छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठकोई दवा दे सकते हैं।
इस à¤à¤¾à¤— में à¤à¥€ है जरूरी जानकारी, जरूर पढ़ें।
वीनिंग के बाद सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ फिर से शà¥à¤°à¥‚ करना
à¤à¤• अंतराल के बाद दोबारा सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ शà¥à¤°à¥‚ करने को रिलैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ कहा जाता है (11)। यह तà¤à¥€ हो सकता है, जब आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बंद कराठहà¥à¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिन न हà¥à¤ हों। यह सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ तब होता है, जब शिशॠछह महीने या उससे कम उमà¥à¤° का हो। à¤à¤• साल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ की महिला के लिठयह काफी कठिन हो जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में रोजाना 10 बार 20-20 मिनट के लिठबचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚, ताकि बचà¥à¤šà¥‡ तक दूध पहà¥à¤‚च सके। इसके बावजूद, बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• की आपूरà¥à¤¤à¤¿ पहले की तरह नहीं होती।
अंत में जानें कि मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का दूध कब पूरी तरह से सूख जाता है।
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का दूध कब पूरी तरह सूख जाता है?
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बंद करने के कà¥à¤› दिनों के बाद से ही सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का दूध धीरे-धीरे कम होने लगता है। पूरी तरह से दूध सूखने में किसी को कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹, तो किसी को à¤à¤• या दो साल का समय लग सकता है। किसी-किसी के साथ à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ हो सकता है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के बावजूद सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध की à¤à¤•-दो बूंदें निकलें। à¤à¤¸à¥‡ में अगर आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के लंबे समय बाद à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ या अनà¥à¤¯ कोई अजीब लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे, तो आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
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